Wednesday, September 16, 2026

नर्मदे हर

 

   नर्मदे हर.......


नर्मदे हर !नर्मदे  हर !नर्मदे हर !

जीवन की सारी दुविधा को हर ।

कम क्रोध मद लोध में फंसकर

भटक    रहे हम  डगर डगर ,

भक्ति का हमे अमृत दे दो

जीवन में शक्ति को भर दो ।

नर्मदे हर !नर्मदे हर ! नर्मदे हर !

जीवन की सारी दुविधा को हर ।

 निर्मल शीतल जल है पावन 

 दर्शन अनुपम है मनभावन,

तट पर चलकर जो है आते

सुख सागर में वो खो जाते ।

नर्मदे हर !नर्मदे हर !नर्मदे हर !

जीवन की सारी दुविधा को हर ।

मां की महिमा जो है जाने

जीवन में वो सब कुछ पावे,

नर्मदे हर ! जो धूनी रमावे 

सब विपदा से मुक्ति पावे।

नर्मदे हर !नर्मदे हर !नर्मदे हर !

जीवन की सारी दुविधा को हर ।



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