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Thursday, September 30, 2021

इच्छाओं का न अंत है

इच्छाओं का             
न  अंत   है
इच्छाएं अनंत है
एक इच्छा पूरी हो
उससे पहले दूसरी
चली  आती है
माया के संसार में
सबको उलझाती है
इच्छाओ का  न अंत है
इच्छाएं अनन्त है
इच्छा को भला
क्या किसी ने 
रोका   है
यह तो अविराम
हवा का झोंका है
इच्छाओं का न अंत है
इच्छाएं  अनंत है



Sunday, August 15, 2021

15 अगस्त

 मिलकर हम सब काम  करे

वतन को सब आबाद करे

खुशहाली के गीत सुने

मानवता के पथ पे चले

नहीं किसी से कभी न डरे 

साहस के संग आगे बदे

मिलकर हम सब काम करे 

सच्चे मन से देश की सेवा 

लालच का कही हो न बसेरा 

सुख शांति है ध्येय हमारा 

15 अगस्त पर संदेश सुहाना 

हरा भरा हो जीवन सारा ।






Monday, April 5, 2021

कोरोना कविता

 कोरोना ही कोरोना हे

  हर तरफ  बस कोरोना है

  सुबह से लेकर शाम तक

  कोरोना ही कोरोंना है

  कोरोना के काल में

  जीवन हुआ विकराल है

  रोजी रोटी के संघर्ष में

  हथैली पर जान है ।

   

   

  


Friday, July 24, 2020

कोरोना से जंग

लड़ो जंग, कोरोना संग
ना रुको, ना झुको
हर हाल मे डटे रहो
धैर्य को साथ लेके
जंग ये लड़ते रहो
होशला खुद  पे  रखो
संघर्ष सदा करते रहो
दिन जल्द ये बदलेंगे
हर हाल मे जीतेंगे 

Thursday, August 15, 2019

15 अगस्त का दिन हे महान - कविता




                         15 अगस्त का दिन हे महान -कविता 


Independence Day Poetry 2019


15 अगस्त का दिन हे महान
 मुक्त हुआ था हिंदुस्तान 


 वर्षो  की गुलामी में जकड़ा 
 अत्याचारों के वार  झेलता 
 दमन चक्र में आँसु पीता 
 खड़ा हुआ था हिंदुस्तान 


15 अगस्त का दिन हे महान
 मुक्त हुआ था हिंदुस्तान 

तब भारत के वीर सपूतों ने 
सपना देखा था एक महान 
मुक्त गगन की छाँव में 
मुक्त बने यह देश महान 

15 अगस्त का दिन हे महान  
 मुक्त हुआ था हिंदुस्तान 


आज़ाद वतन करने की खातिर 
बलिदान हुए सपूत महान 
क्रांति के उन वीरों  को 
अर्पण हमारे श्रद्धा सुमन 


15 अगस्त का दिन हे महान  

     मुक्त हुआ था हिंदुस्तान 






  



Monday, May 6, 2019

कू उ ऊ कू उ ऊ कोयल कूके





kavita



कू उ ऊ  कू उ ऊ 
कोयल कूके  
कू उ ऊ  कू उ ऊ 
मन  ये झूमें 

पँछी जागे 
चहकें महके 
तान छेड़ते 
मधुर मनोहर 

कू उ ऊ  कू उ ऊ 
कोयल कूके 
कू उ ऊ  कू उ ऊ 
मन  ये झूमें 

सूरज आया 
दिन को लेकर 
हुआ उजाला 
धीरे  धीरे 

कू उ ऊ  कू उ ऊ 
कोयल कूके 
कू उ ऊ  कू उ ऊ 
मन  ये झूमें 

Sunday, May 5, 2019

Kite of life--Poetry



poetry


  आस विश्वास कें
  दो धागों से
  पतंग जीवन की
  उड़ाए जा !

  प्रेम का हिचका और
   स्नैह की डौर से
   दूर  गगन लहराएं जाँ
   घूप छाँव सें भरे
   ये दिन हेँ
   ठंडी रातों मेँ
   पल को बिताये जां
   आस विश्वास कें -----

   मुक्त गगन हे
   मुक्त चमन हें
   मुक्त हो रहा
   मुक्त यें वक़्त हैं
   मुक्त होके तुं 
   इस जीवन मेँ 
    पतंग अपनी 
    उड़ाए जा !

   आस विश्वास के -----






 
  

Sunday, February 10, 2019

हे ईश्वर ! जगत तूने हे बनाया

God's prayer




हे ईश्वर !
जगत तूने हे बनाया 
नदी,पहाड़,वन और सागर  
 सब रचे है तुने 

कितनी सुन्दर है 
तेरी यह रचना 
चाँद सितारे 
धरती और सूरज 
हवा पानी आकाश अग्नि 
मिलकर जीवन सब बनाये 


हे ईश्वर !
जगत तूने हे बनाया 
                       नदी,पहाड़,वन और सागर                    सब रचे है तुने 

हम मानव तेरी अद्भुत रचना 
अपना सब कुछ दे इसे बनाया 
दी सोच विकास की आजादी 
और सुदूर ज्ञान विज्ञान की 
दिए सुख के सागर अनुपम 
हम सब करें तुझे बारम्बार नमन !

हे ईश्वर !
जगत तूने हे बनाया 
                     नदी,पहाड़,वन और सागर                     सब रचे है तुने 



Wednesday, January 30, 2019

शहीदों की शहादत को है नमन !



shahid divas














शहीदों की शहादत 
को है  नमन !

राष्ट्र प्रेम  ही 
जिनका ध्येय 
राष्ट्र हित ही 
जिनका उद्देश्य 
उन शहीदों की 
शहादत को है नमन !

देश के उन सपूतों को 
देश के उन वीरों को 
देश के उन लाड़लो को 
देश के उन शहीदों की 
शहादत को है नमन !

न झुके, न रुकें 
चाहे सर पे सर कटे 
आज़ाद अपने वतन 
पे कुर्बान हुए सरताज़ 

शहीदों की शहादत 
को है  नमन!


Wednesday, January 23, 2019

हौसला हे मन में

motivat poetry




हे जोश दिल में 
हौसला हे मन में 

सामने अदृश्य पथ है 
सूझे न कोई डगर है 
रख अपने पे यकीं 
रुक न तु ए पथिक 

हे जोश दिल में 
हौसला हे मन में 

सागर,पर्वत,नदियाँ 
और सघन वन भी 
तुझे न रोक पायेंगे 
तेरे इरादों की ठोकर 
से सब पिघल जायेंगे 

हे जोश दिल में 
हौसला हे मन में 

Saturday, January 19, 2019

जीवन हे तो गीत है !

 life poetry



जीवन हे तो गीत है 
गीत हे तो संगीत है 
संगीत हे तो स्वर है 
स्वर हे तो ताल है 
ताल हे तो धमाल है 
धमाल हे तो कमाल है 
 कमाल हे तो ख्याल है 
ख्याल हे तो अहसास है 
अहसास हे तो जबाब है 
जबाब हे तो हिसाब है 
हिसाब हे तो मिलन है 
मिलन हे तो उत्साह है 
उत्साह हे तो गीत है 
गीत हे तो जीवन है 
जीवन हे तो गीत है !

Wednesday, December 26, 2018

हे ईश्वर ! तुझे नमन



oh god!




हे ईश्वर ! तुझे नमन 
मेरा सब कुछ तुझे अर्पण 

अपने पराये का भेद भूलकर 
मानवता को साथ लेकर 
तूने जो राह दिखाई 
उसपर चलू मैं जीवन भर 

हे ईश्वर ! तुझे नमन 

दुःख संताप हृदय से त्यागकर 
प्रभु प्रेम की ज्योत जलाकर 
तेरे नाम का सहारा लेकर 
बढ़ता चलू  मैं जीवन भर 

हे ईश्वर ! तुझे नमन 




Tuesday, December 18, 2018

वो ताकत कहाँ है ?


वो ताकत कहाँ है ?

where is energy?









वो ताकत कहाँ है ?
जो तूफानों से टकराये 
आसमान की बुलँदी से 
तारों को तोड़ लाये। 

      वो ताकत कहाँ है ?
      जो वक्त से लड़ जाये 
      प्रतिकूल समय में 
     अनुकूलता लें आये। 

            
          वो ताकत कहाँ है ?
          जो मुश्किलों को जीतकर 
          कठिन,पथरीली राहों में 
          डगर आसान बनायें। 

              वो ताकत कहाँ है ?
              जो धैर्य को अपनाएँ 
              काँटों की राहों पे चलके 
              फूलों सी हँसी बिखराये। 

                वो ताकत कहाँ है ?
      










Sunday, December 16, 2018

नई कविता

   


new poem




नई कविता 

नई कविता है 
नई सरिता है 
नई खुशियाँ है 
नई बतिया है 
नया  जमाना 
नया तराना 
गीत नया और 
चाल नई हैं 
चंचल चितवन 
गुंजित मधुवन 
आलोकित मन 
अभिलम्बित हैं 
नई कविता है 

Thursday, December 13, 2018

हमारी ये आदत हैं -कविता

poem


हमारी ये आदत है  -कविता 


हमारी ये आदत है  
की अपनों याद  रखते हैं! 
हमारी ये आदत है  
की अपनी धुन में रहते हैं! 
हमारी ये आदत है  
की तन्हाइयों में जीतें हैं! 
हमारी ये आदत है  
क़ि इश्क सबसे करते हैं !
हमारी ये आदत है  
कि खुशबु तलाश करते हैं !
हमारी ये आदत है 
कि ख़ुशी को साथ रखते हैं!
हमारी ये आदत है  
कि राहे नई बनाते हैं !

Sunday, December 9, 2018

मौन-कविता

silent poem



                               मौन-कविता----

             मौन हे खड़े भरे 
                 हरे भरे वृक्ष हैं 
                 टहनी पत्ते मौन हे 
                    हवा चले तो कुछ हिले 

                मौन हे और भी 
                नदी,पहाड़ और वन 
                मौन हे फैला हुआ 
                अजब सा हे लग रहा 
                मौन हे खड़े भरे ----

                मौन की वाणी हे 
                 ओज से भरी 
                  मौन में समायी हे 
                  बातें  कई बड़ी बड़ी 

                    मौन हे खड़े भरे ----
                
              

          

Wednesday, December 5, 2018

जीवन का हर पल -कविता

He Happy Poem




              
  जीवन का हर पल -कविता



               रोते हुए  आये हैं                                                                                   हँसते हुए जाना हैं 
                   जीवन का हर पल 
                   ख़ुशी में बिताना है 


                   तमन्नाओं के फेर में 
                     मत उलझो जीवन भर 
                         चाहतों को तोड़कर 
                           रुख को मरोड़कर 
                            अपनी अपनी राह में 
                              बढ़ते हुए जाना हैं 

                   जीवन का हर पल ---

                       गम को दोस्त बनाकर 
                        सुख को तलाश कर 
                          दुविधाओं को त्यागकर 
                          आशाओं को अपनाकर 
                           हर कदम बढ़ाना हैं 

                 जीवन का हर पल -----


         
        

   


Tuesday, December 4, 2018

आम और खास -कविता

aam and khas poem





                                आम और खास 


             आम और खास में 
              फर्क हे जरा 
              आम फलों का राजा हे 
             तो खास आम का राजा हैं 
              आम आम ही रहता है 
               जब तक वो खास 
             न बन  जाता हैं 
          आम और खास में ----

            आम जब खास हो जाता है 
            तो अपनी पहचान भूल जाता हैं 
            यूँ तो आम भी हे राजा 
           अपनी सुगंध और मिठास का 
           आम के सामने सब हे फीके 
          वो आम ही हे जो चुनते खास को 
           आम और खास में -------


Tuesday, November 27, 2018

मनोरंजन !

entertainment poem

    
                मनोरंजन 



मन में जागे 
उमंग तरंग 
तो होता है 
मनोरंजन !



जो दे तन मन को 

ऊर्जा व् शक्ति 
उसे कहते है 
मनोरंजन !



साधन बहुत हे 

चाहे जो अपना लो 
हँसना गाना मुस्कुराना 
हे इसकी पहचान 
सभी के दिलो दिमाग पर 
इसका   हे  राज 
भ्रमण कला संस्कृति 
संजोये हुए हे महान 

Tuesday, November 20, 2018

Kavita of word


word poem



शब्दों  की बन्शी
बज रही हे
कही मधुर तो
कही कर्कश

काश यदि शब्द न होते
तब दुनियाँ  कुछ
अलग ही दिखाई   देती
इशारो ही इशारे मे
इशारे की भाषा
दिखाई  देती
शब्दो की बन्शी-----
हर भाषा के शब्द होते हे
हर बात के अर्थ होते हे
भावनाओ की अभिव्यक्ति
हो या लोकाचार की बाते
शब्दो के हार. काम हे बनाते
शब्दो की बन्शी------
प्रेम से बोले गये दो शब्द 
जादू सा जगा देते है 
सुनने वाले के दिल में 
गहराई तक उतर जाते है 
शब्दों की डोर सीधे 
दिल से दिल तक जाती है 
शब्दों की बंशी -------