Thursday, September 30, 2021

इच्छाओं का न अंत है

इच्छाओं का             
न  अंत   है
इच्छाएं अनंत है
एक इच्छा पूरी हो
उससे पहले दूसरी
चली  आती है
माया के संसार में
सबको उलझाती है
इच्छाओ का  न अंत है
इच्छाएं अनन्त है
इच्छा को भला
क्या किसी ने 
रोका   है
यह तो अविराम
हवा का झोंका है
इच्छाओं का न अंत है
इच्छाएं  अनंत है



नर्मदे हर

     नर्मदे हर....... नर्मदे हर !नर्मदे  हर !नर्मदे हर ! जीवन की सारी दुविधा को हर । कम क्रोध मद लोध में फंसकर भटक    रहे हम  डगर डगर , भक्त...