Monday, December 3, 2018

अनाज की बचत

                    अनाज की बचत 







अनाज हे हर एक की जरूरत। 
इसे बर्बाद होने से बचाये। 
भोजन करते समय थाली में उतना ही 
ले जितनी आपकी जरूरत हैं। 
अन्न के एक एक दाने का सही उपयोग 
करना चाहिए। स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने 
चावल के एक दाने के माध्यम से जग को यह 
संदेश दिया हैं। 
जिनके कंधो पर अनाज के भण्डारण एवं 
रख रखाव की जिम्मेदारी है वे अपने कर्तव्य 
का सजगता पूर्वक पालन करें। 
अनाज के परिवहन ,भण्डारण के समय भी 
अन्न की हानी होती हैं। 
समाज के सभी वर्ग के लोगों  को उनकी क्रय 
शक्ति के आधार पर अन्न की उपलब्धता 
सुनिश्चित करना चाहिए। कालाबजारी पर 
लगाम लगानी चाहिए। 
अन्न उत्पादक अर्थात किसान को विभिन्न 
योजनाओ के द्वारा प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए। 
किसान को उनकी मेहनत का उचित मूल्य 
मिलना चाहिए। 

एक तरफ अनाज से भरे गोदाम है। 
दूसरी तरफ भूख से होती हुई मौते हैं। 
व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता हैं। 

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