Tuesday, November 27, 2018

मनोरंजन !

entertainment poem

    
                मनोरंजन 



मन में जागे 
उमंग तरंग 
तो होता है 
मनोरंजन !



जो दे तन मन को 

ऊर्जा व् शक्ति 
उसे कहते है 
मनोरंजन !



साधन बहुत हे 

चाहे जो अपना लो 
हँसना गाना मुस्कुराना 
हे इसकी पहचान 
सभी के दिलो दिमाग पर 
इसका   हे  राज 
भ्रमण कला संस्कृति 
संजोये हुए हे महान 

Sunday, November 25, 2018

स्वस्थ तन -स्वस्थ मन

Be Healthy


स्वस्थ तन -स्वस्थ मन 

यदि आपको स्वस्थ रहना हे तो आपको अपने 
तन एवम मन को स्वस्थ रखना होगा। 
मन को स्वस्थ रखने के लिए तन को और 
 तन को स्वस्थ रखने के लिए मन को स्वस्थ 
रखना होगा। अर्थात दोनों ही एक दूसरे पर 
निर्भय हैं। 
तन को स्वस्थ रखने के लिए सबसे पहले 
अपनी आदतों पर ध्यान देने की आवश्यकता 
हैं। आदत वो होती हे जिसके हम धीरे धीरे 
आदी हो जाते हैं। यदि आदतें अच्छी नहीं हे तो 
सबसे पहले उन्हें ठीक करिए। अच्छी आदतें 
विकसित कीजिए। 
रात  को जल्दी सोना और सुबह जल्दी उठना 
इससे शुरूआत करें। इससे आप स्वस्थ भी 
बनेंगे और बुद्धिमान भी। 
मन में अच्छे विचारो को भरते रहिए। 
 जब भी मन में नकारात्मक विचार आये 
उसे दूर खदेड़ दे। 


Tuesday, November 20, 2018

Kavita of word


word poem



शब्दों  की बन्शी
बज रही हे
कही मधुर तो
कही कर्कश

काश यदि शब्द न होते
तब दुनियाँ  कुछ
अलग ही दिखाई   देती
इशारो ही इशारे मे
इशारे की भाषा
दिखाई  देती
शब्दो की बन्शी-----
हर भाषा के शब्द होते हे
हर बात के अर्थ होते हे
भावनाओ की अभिव्यक्ति
हो या लोकाचार की बाते
शब्दो के हार. काम हे बनाते
शब्दो की बन्शी------
प्रेम से बोले गये दो शब्द 
जादू सा जगा देते है 
सुनने वाले के दिल में 
गहराई तक उतर जाते है 
शब्दों की डोर सीधे 
दिल से दिल तक जाती है 
शब्दों की बंशी -------