Wednesday, November 14, 2018

चलना ही चलना हे -



new vision

         
                              चलना ही चलना हे -


 चलना ही चलना हे 



 कठिन पथरीली राह  पे 




 बढ़ना ही बढ़ना हे 




निरंतर आगे के पथ पे 


बिना रुके झुकें मुड़े 

चलना ही चलना हे 

हो अगर तूफ़ा हो दिल में 

मगर होंसला रख के दिल में 

 चलना ही चलना हे 

बादलों का झुंड हो 

या कोहरें की धुंध 

 रौशनी की राह में 

चलना ही चलना हे 


Tuesday, November 6, 2018

दीपावली




happy diwali



  कविता 


 दीपावली की रात हैं 

जगमग जगमग 

रौशनी का पर्व हे 

रोशन हर दिल हे 

पूजा की थाल अनार 

और गुलाब जामुन 

फूल लाई बताशे 

फटाको की आवाज हैं 

दीपक जल रहे हे 

चमचम चमक रहे हे 

रंगोली झूमर आम 

केले के पत्तो से 

घर आंगन सजे हैं 


फुलझड़ी अनार चकरी 

बच्चे चला रहे हे 


Thursday, November 1, 2018

आदत

                                         आदत 





habit poem






       आदत में हे कुछ बात  

   बनाये हमें कुछ खास 

 आदत बेहतर हो तो 

बनता अच्छा इंसान 

आदत बदतर हो तो 

 बिगड़ जाता इंसान 

 आदत    में      हे

 गजब की  शक्ति 

जो दे  सबको 

 अज़ब सी शक्ति 

भली         बुरी 

आदत पहचानों 

आज की आदत 

कल की जरूरत 

पूरी करें  जो 

  सबका मनोरथ