Wednesday, September 5, 2018

आस तब भी मन में हों

          



       कविता 
   
    पास जब कुछ न हो 
    आस तब भी मन में हो 
    आँधियाँ चाहे कितनी चले 
    आशाओं का दीप कभी न बुझै 
    
      तूफान,बंवडर 

      ये सब डराने आते हे हमें 

      परीक्षा में जब 

      पास हो जाते हम 

      मुस्कराकर ये सब लौट जाते है 


       ना उम्मीदी  कभी 

       दिल में  न रखना 

        विश्वास  की पतवार 

        चलाते रहना 

        किनारा! खुद तुम्हारा 

        पता पूछता चला आयेगा। 

    




Monday, September 3, 2018

कमाई


             कमाई 

income


कमाई  तीन      प्रकार     की   होती हैं। 

धन कमाना, पुण्य कमाना,पाप कमाना। 

जीवन निर्वाह एवं पारिवारिक कर्तव्यों की 

पूर्ति हेतु धन कमाना आवश्यक हैं। बर्शते 

कमाई का रास्ता सीधा,सरल व सच्चा हो। 


पारिवारिक व सामाजिक कर्तव्यों की पूर्ति 

करना पुण्य का काम हैं ,

अपराध या बेईमानी से की  गयी    कमाई 

मनुष्य को पाप के गर्त में   ढकेल    देती हैं। 

पाप की कमाई का असर परिवार व समाज 

दोनों पर पड़ता हैं। 

आज के भौतिक युग में अत्यधिक खर्चे बढ़ 

गये हैं। इन खर्चो की पूर्ति हेतु लोग किसी 

भी हद तक गिर रहे हैं। रिश्वतखोरी,भष्ट्राचारी

ने समाज को दिशाहीन कर दिया हैं। 

बाजार में पैसे खर्च करके भी आपको सही 

वस्तु मिल जाये ये आवश्यक नहीं हैं। 


Saturday, September 1, 2018

की ओर चलो !

new vision


     


किनारों की ओर  कविता 




अँधेरे से  उजाले की ओर 


चलो !


अज्ञान से   ज्ञान   की ओर 


चलो !


जीवन   जहाँ    बने सुखद 


उस     मार्ग   की      ओर 


चलो !


निराशाओं  के भॅवर से निकल 


आशाओं के किनारों की ओर 


चलो !


कभी   न   थके   ये   जिंदगी 


आरजूओं   की    ओर     ले 


चलो !